हाल ही में नासा ने एक यान प्रक्षेपित किया है, जो पृथ्वी के निकटतम तारे सूर्य के बाहरी कोरोना के चक्कर लगाएगा, और इस प्रकार हमें सूर्य की अधिक जानकारी देगा। इस यान का नाम 91 वर्षीय अंतरिक्ष विज्ञानी पार्कर क नाम पर पार्कर सोलर प्रोब रखा गया है। सूर्य के इतने निकट पहुँचने वाली यह मानवनिर्मित पहली वस्तु है। सात वर्षों के अपने मिशन में यह यान 24 बार सूर्य के कोरोना या बाहरी वायुमंडल में पहुँचेगा। सूर्य के वातावरण से एकत्रित डाटा मिलने पर हम शायद सोलर विंड्स के बारे में कुछ जान सकेंगेयूजीन पार्कर ने 60 वर्ष पहले ही इनके अस्तित्व को लेकर जानकारी दी थी। सोलर विंड्स अगर बड़ी और शक्तिशाली हों, तो वे पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र और उपग्रहों, दूरसंचार और पावर ग्रिड को प्रभावित कर सकती हैं। यान की खोजों की मदद से आने वाली सौर-आंधियों की बेहतर भविष्यवाणी की जा सकेगी। इस रोबोटयान की गति 6,90000 कि.मी. प्रति घंटा है, जो किसी भी मानवनिर्मित मशीन से सबसे ज्यादा है। अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में मिली यह अभूतपूर्व सफलता है। इससे यह भी सिद्ध होता है कि तकनीक की सीमाएं लगातार फैलती जा रही...
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